
लोकसभा में 22 जुलाई के विश्वास मत से पहले तेज़ी से बदल रहे राजनीतिक समीकरणों में वाम मोर्चा, बहुजन समाज पार्टी, यूनाइटेड नेशनल प्रोग्रेसिव एलायंस, राष्ट्रीय लोकदल और जनता दल (एस) ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के विश्वास प्रस्ताव का विरोध करने की घोषणा की है.
महत्वपूर्ण है कि वाम मोर्चे और यूएनपीए की बैठक में प्रकाश कारत और तेलुगुदेशम पार्टी के चंद्रबाबू नायडु के अलावा जनता दल (एस) के एचडी कमारस्वामी, असम गणपरिषद के ब्रिंदावन गोस्वामी और इंडियन नेशनल लोकदल के अजय चौटाला भी मौजूद थे.
इन पार्टियों के नेताओं की बैठक के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेता मायावती ने कहा, "हमारा केवल एक मुद्दे का एजेंडा है कि 22 जुलाई को विश्वास मत में यीपीए सरकार को हराया जाए." उनकी पार्टी के लोकसभा में 17 सांसद हैं.
उधर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) महासचिव प्रकाश कारत ने कहा, "बसपा, तेलुगुदेशम पार्टी और जनता दल (एस) सभी साथ हैं और हम साथ मिलकर 22 जुलाई को विश्वास मत के दौरान सरकार को हराने की कोशिश करेंगे." वाम मोर्चे के 59 सांसदों के साथ उनके सहयोगी केरल कांग्रेस (थॉमस) के एक सांसद भी हैं.
सोरेन यूपीए के साथ, देवेगौड़ा हुए ख़िलाफ़
लोकसभा की 545 सीटों में से दो स्थान रिक्त हैं. इस तरह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार को 543 में से 272 सांसदों का समर्थन हासिल करने है. यूपीए के 224 सांसदों के साथ समाजवादी पार्टी के 39 सांसदों में से 35 का यूपीए को समर्थन मिलने की संभावना है.
लोकसभा में शिबू सोरेन की जीएमएण के पाँच, तेलंगाना राष्ट्रीय समिति के तीन, देवेगौड़ा के जनता दल (एस) के तीन, राष्ट्रीय लोकदल के तीन सांसदों के साथ निर्दलीयों, छोटे दलों की अहम भूमिका है
इस तरह से सरकार बचाने के लिए यूपीए को कम से कम 13 सांसदों का समर्थन जुटाने की ज़रूरत है और उसे समर्थन मिला है झारखंड मुक्ति मोर्चा का जिसके पाँच सांसद हैं.
शिबू सोरेन को माओवादियों की धमकी
झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शिबू सोरेन रविवार को अपने अन्य साथियों के साथ यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले.
उन्होंने पत्रकारों को बताया, "हमने अपने सांसदों के साथ मिलकर तय किया है कि 22 जुलाई को विश्वास मत के दौरान यूपीए के समर्थन में वोट देंगे." उन्होंने ये भी कहा, "हाँ, मंत्री पद के बारे में बात हुई है और हम पहले भी मंत्री थे. अब मतदान के बाद मंत्री पद दिया जाएगा और एक राज्य मंत्री भी हमारी पार्टी का बनाया जाएगा."
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लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा के जनता दल (एस) के तीन सांसदों और अजित सिंह के राष्ट्रीय लोक दल के तीन सांसदों ने तय किया है कि वे विश्वास मत के ख़िलाफ़ वोट देंगे.
महत्वपूर्ण है कि बसपा नेता मायावती देवेगौड़ा से दिल्ली में मिलने उनके निवास पर गईं. हालाँकि, शनिवार को देवेगौड़ा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मिले थे लेकिन उन्होंने मायावती से मिलने के बाद घोषणा की कि उनकी पार्टी के तीनों सांसद विश्वास मत के ख़िलाफ़ वोट देंगे.
अजित सिंह भी विरोध में
राष्ट्रीय लोकदल के अजित सिंह ने रविवार को मायावती से मुलाक़ात के बाद अपने पार्टी नेताओं के साथ बैठक की और यूपीए के ख़िलाफ़ वोट देने की घोषणा की.
उनका कहना था, "हमने पार्टी नेताओं के साथ मिलकर तय किया है कि 22 जुलाई को विश्वास मत के दौरान हम यूपीए सरकार के ख़िलाफ़ वोट देंगे."
मुलायम बरसे लालकृष्ण और लेफ़्ट पर
इसके अलावा रविवार को जहाँ यूपीए अपने गठबंधन और अन्य सांसदों को 'डिनर' पर बुला रहा है तो सोमवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने भी सांसदों को डिनर पर बुलाया है.
ऐसा माना जा रहा है कि डिनर पर जाने वाले सांसदों के आधार पर तस्वीर कुछ साफ़ हो सकती है.
रविवार को यूपीए को झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ-साथ दयानिधि मारन के समर्थन का सहारा भी मिला.
इस बीच हैदराबाद से प्राप्त समाचारों के अनुसार मजलिसे इत्तेहाद उल मुसलमीन के एकमात्र सांसद असद्दुदीन ओवैसी ने भी यूपीए को समर्थन देने की घोषणा की है.