Saturday, 5 July 2008

राहुल क्यों हुए शर्म से लाल!

Bhaskar News! शादी के सवाल पर अच्छे-अच्छे झेंप जाते हैं. कुछ यही हाल हुआ कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी का. भोपाल में एक स्कूल के बच्चों ने जब राहुल से उनके शादी करने के बारे में पूछा तो राहुल झेंप गए.शनिवार को राहुल गांधी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुँचे थे.
यहाँ उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. इसी कड़ी में वो राजधानी के संस्कार वेली स्कूल में भी पहुँचे और यहाँ के बच्चों से बातचीत की.
बच्चों के बीच बैठे 38 साल के राहुल गांधी से नौंवी क्लास की एक 13 साल की लड़की मोनिका सत्यवादी ने उनके सामने शादी से जुड़े सवालों की झड़ी लगा दी. इन सवालों पर सब हंस पड़े.
उनका राहुल गाँधी से सवाल था, "आप कब शादी कर रहे हैं? आप जिस लड़की से शादी करना चाहते हैं उसमें क्या-क्या गुण होने चाहिए ताकि वो एक आदर्श जीवनसंगिनी बन सके?"
मोनिका के इस सवाल पर राहुल मुस्कुरा उठे और कहा, " मुझे उम्मीद है कि मेरी शादी जल्द हो जाएगी. मैं नहीं जानता कि मेरे लिए एक आदर्श जीवनसाथी कौन है. अगर मैं जानता होता तो उससे मेरी शादी हो चुकी होती."
राहुल का कहना था, "लेकिन मैं उस लड़की को पसंद करूँगा जो खुले विचारों वाली हो और दुनिया को लोगों के नज़रिए से देखे."
ऐसे सवालों के बाद बच्चों का खुल जाना लाज़मी था और इसके बाद बच्चों ने भी राहुल से कई तरह के सवाल किए और उन्होंने भी बड़े ही सुलझे हुए अंदाज़ में बच्चों को जवाब भी दिए.
राहुल की अभिलाषा
राहुल ने इस स्कूल के बच्चों को पुरस्कार भी बांटे.
बच्चों के एक सवाल पर राहुल ने बताया, "मेरे पिता हवाई जहाज़ के पायलट थे. मैंने सोचा मैं भी अपने पिता के नक्शेकदम पर चलूँ. एक वक्त मैंने भारतीय सेना में जाने की भी सोची. बाद में ऐसा समय भी आया जब मैं अपना ये विचार छोड़ चुका था."
राहुल गांधी पहले भारतीय सेना में जाना चाहते थे लेकिन बाद में उन्होंने अपने विचार बदल दिया
राहुल ने बताया, "मेरी अभिलाषा कभी खास और तय नहीं रही. मैं कभी सेना में जनरल नहीं बनना चाहता था. लेकिन मेरी कामना हमेशा से ये रही है कि मुझे भारत और लोगों के बारे में अच्छी समझ हो ताकि मैं अपनी थोड़ी सी कोशिश के ज़रिए भारत को और आगे बढ़ा सकूँ."
राहुल गांधी ने स्कूली छात्रों को अपनी दादी के बारे में बताते हुए प्रेरित किया.
उन्होंने बताया, "मेरी दादी मेरी शिक्षिका थीं जैसे स्कूलों की शिक्षिकाएँ होती हैं. वो हमेशा कहा करती थीं कि बेटा अगर तुम्हें किसी चीज़ से डर लगता है तो उससे भागो मत. उसके सामने डट कर खड़े हो जाओ. तुम्हारा डर ख़त्म हो जाएगा."

0 टिप्पणियाँ: