Tuesday, 8 July 2008

प्रधानमंत्री ने आस्तीनें चढ़ाईं

विशेष विमान से. परमाणु करार पर पहली बार सरकार का सख्त चेहरा पेश करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत शीघ्र ही सुरक्षा मानक समझौते पर आईएईए से संपर्क करेगा। उन्होंने कहा, चुनाव जल्दी होने की संभावना नहीं है और हम संसद का सामना करने को तैयार है।
यूपीए सरकार गिरने की आशंकाओं के बीच जी-8 सम्मेलन में भाग लेने जा रहे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को काफी आत्मविश्वास से भरे दिखे। वामदलों की समर्थन वापसी के अल्टीमेटम से बिल्कुल बेफिक्र सिंह ने कहा, वे सहयोगियों की भावनाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन परमाणु समझौता देशहित में है। एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि जापान में वे अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश से मिलकर उनसे करार के प्रति वचनबद्धता जताएंगे।
पीएम ने कहा, वे अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) में जाएंगे और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) से भी बात करेंगे। ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए समझौता जरूरी है। समझौते को लेकर भाजपा की भी चिंताएं थीं। हमने अटलबिहारी वाजपेयी और ब्रजेश मिश्र से मुलाकात के दौरान उनकी आशंकाएं दूर की थीं। भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी द्वारा प्रधानमंत्री को इस्तीफा देने की सलाह पर उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से सुरक्षित है। आडवाणी को सलाह देने की जरूरत नहीं है।
यह पूछे जाने पर कि परमाणु समझौते पर चीन का क्या रुख रहेगा, उन्होंने कहा कि फिलहाल उम्मीद यही है कि वह इसे लेकर हमारा विरोध नहीं करेगा। परमाणु समझौते को पूरा होने में लगने वाले समय के बारे में उन्होंने कहा कि फिलहाल निश्चित समय तो नहीं बताया जा सकता है, फिर भी जैसे ही आईएईए में जाने का फैसला हो जाएगा तो इसमें ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। आईएईए का बोर्ड ऑफ गवर्नर इस पर तत्काल फैसला कर लेगा।
निजी भागीदारी भी संभव : समझौते के बाद परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में निजी भागीदारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका भी विकल्प है। बहुत संभव है कि ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना में निजी कंपनियों को भी मौका मिले।
समझौते के रास्ते बंद नहीं हुए: नारायणनविशेष विमान से. परमाणु करार पर यूपीए-लेफ्ट के बीच समझौते के रास्ते अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। इस आशय के संकेत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने अनौपचारिक वार्ता में दिए। उन्होंने कहा कि जी-8 सम्मेलन के बाद 10 या 11 जुलाई को फिर यूपीए-लेफ्ट नेताओं की बैठक होगी। इसमें करार पर वामदलों की तमाम आशंकाओं को दूर कर सहमति बनाने का प्रयास होगा।
हम जल्द ही आईएईए में जाएंगे। जल्द चुनाव की कोई संभावना नहीं है। जब भी जरूरत पड़ेगी हम संसद का सामना करने के लिए तैयार हैं। परमाणु समझौता देश हित में है।-मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री

0 टिप्पणियाँ: