Saturday, 12 July 2008

मनमोहन भाईसाहब ने कभी अपना हित नहीं सोचा’

भास्कर न्यूज
Saturday, July 12, 2008 10:23 [IST]
अमृतसर. अमेरिका के साथ परमाणु करार ऐतिहासिक होगा। इसे आने वाली पीढ़ियां सदैव याद रखेंगी। यह कहना है प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दोनों भाइयों सुरजीत सिंह कोहली और दलजीत सिंह कोहली का।

दैनिक भास्कर से बातचीत में कोहली बंधुओं ने कहा कि भाईसाहब ने कभी भी अपना हित नहीं सोचा, बल्कि हर समय देश को समर्पित रहे हैं। वह ऐसी कोई पहल नहीं करेंगे, जिससे भारत की तरक्की में रुकावट पैदा हो।

डाक्टर साहिब के बारे में भारत ही नहीं, बल्कि पूरा विश्व जानता है। उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए अपनी देश के प्रति निष्ठा में किसी भी स्वार्थ को आड़े नहीं आने दिया। आने वाले समय की यही जरूरत है कि जल्द से जल्द करार पर मोहर लगे, ताकि भारत विकास के पथ पर और तेजी से चल सके। उन्होंने सभी नेताओं से राजनीति छोड़ सहयोग करने की अपील की।

एटमी करार के मामले में सिख बुद्धिजीवियों की राय: गुरु नानक स्टडी सर्किल, जीएनडीयू के सीनियर लैक्चरर गुरशरणजीत सिंह का कहना है कि सिखों को खासतौर पर अकाली संगठनों को प्रधानमंत्री के इस फैसले को समर्थन देना चाहिए।

भारत के इतिहास में पहली बार एक सिख को देश की बागडोर संभालने का मौका मिला है। अगर वह कठिनाई के समय में देश हित में कोई फैसला लेते हैं तो कम से कम सिखों को तो इसका समर्थन करना चाहिए। प्रधानमंत्री चाहे किसी भी कम्यूनिटी से क्यों न हो वह विश्व भर में पूरे देश को रिप्रिजेंट करता है।

एटमी करार के मामले में प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर फैसला किया है। यह फैसला हरेक के लिए सवरेपरि होना चाहिए। इसके साथ ही राजनीतिक संगठनों को भी चाहिए कि वह गुटबाजी की बजाय देश हित में सोचते हुए इस फैसले का समर्थन करें।
-डा. हरमोहिंदर सिंह बेदी, हैड, हिंदी विभाग, जीएनडीयू

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