जयपुर,
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत ने राज्य में मलेरिया, चिकनगुनिया एवं डेगू सहित अन्य मौसमी बीमारियों के जानलेवा प्रकोप से अब तक राज्य में सौ से अधिक लोगों के मरने एवं लाखों लोगों के बीमार होने पर दुख व्यक्त करते हुए राज्य सरकार द्वारा इन पर काबू पाने में बरती जा रही आपराधिक लापरवाही को चिंताजनक बताया है। गहलोत ने एक बयान में कहा कि पिछले तीन महीनों से राजस्थानी जयपुर सहित कमोबेश राज्य के सभी जिलों से मलेरिया, डेंगू एवं अन्य मौसमी बीमारियों के फैलने की ़खबरें आ रही थीं। लेकिन चुनावी चिंता में डूबी भाजपा सरकार ने उन्हे रोकने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। उल्टे वह तबादला उद्योग में लगी रही। इसके श्किार डाक्टर ,नर्स और कंपाउंडर सहित वे सभी हजारों कर्मचारी भी हुए जिनका काम इन बीमारियों पर काबू पाना था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एवं स्वस्थ मंत्री नरपत सिंह राजवी द्वारा इस ओर ध्यान नहीं देने तथा डॉक्टरों सहित अन्य सभी कर्मचारियों के अस्पताल, डिस्पेंसरियों में नहीं मिलने से आज पूरे राज्य में इन बीमारियों ने विकराल रूप ले लिया है। अब तो चिकनगुनिया के भी फैलने की रिपोर्ट आने लगी है। राजधानी जयपुर सहित राज्य के हर जिले में घर-घर ये बीमारियां फैली हुई है। खुद सरकार के अफसर राज्य में पचास हजार से अधिक तो अकेले मलेरिया रोगी और दो सौ से ज्यादा डेगू के मरीजों की संख्या मान चुके है। उन्होंने कहा कि बीमारियां होती है, लेकिन दुख की बात यह है कि अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में इनके इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। मरीज गांव से शहरों की ओर दौड़ रहे है और सही इलाज नहीं मिलने पर वही दम तोड़ रहे है। अकेले जयपुर में मलेरिया, डेगू डिप्थीरिया और अन्य बीमारियों से पिछले महीनों में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है।



0 टिप्पणियाँ:
Post a Comment