
सिब्बल ने यहां प्रदेश कांगे्रस मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राजस्थान में पांच साल से छाए अंधेरे का अंत होने वाला है। जब तक प्रशासन और सरकार जनता के बारे में नहीं सोचे या रात आठ बजे बाद जनता के लिए दरवाजे बंद हो जाए, वहां की जनता ऐसे शासन को बदलने का मानस बना चुकी है।
उन्होंने राजस्थान की भाजपा सरकार को महिला और दलित विरोधी बताते हुए कहा कि पांच साल में दलितों और महिलाओं पर जमकर अत्याचार हुए पुलिस फायरिंग में नब्बे लोग मारे गए हैं।
सिब्बल ने कहा कि शासन का काम जान लेना नहीं होता। जनता चार दिसंबर को मतदान करके इस बात का जवाब देगी।
सिब्बल ने आंकड़ों के आधार पर बताया कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने केंद्र से प्राप्त की गई आर्थिक मदद का या तो दुरुपयोग किया या राशि खर्च नहीं की जिससे आम लोगों को योजना का फायदा नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना को सही ढंग से लागू नहीं किया जिससे जरूरतमंद योजना का फायदा नहीं उठा सके।
सिब्बल ने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि राजस्थान सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण गारंटी योजना का झालावाड़ और बांसवाड़ा में सामाजिक अंकेक्षण नहीं होने दिया जिससे सही स्थिति सामने नहीं आ सकी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इस योजना के तहत श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं कर सुप्रीमकोर्ट के निर्देशों की अवहेलना की है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में इस योजना के तहत अधिकतम 51 रुपये प्रति दिन मजदूरी का भुगतान किया गया, जबकि न्यूनतम मजदूरी 73 रुपये है। 22 रुपये कहां गए, यह सरकार को बताना चाहिए।
सिब्बल ने केंद्रीय मंत्रियों द्वारा राजस्थान दौरों के समय राज्य सरकार के कार्यो की प्रशंसा को लेकर किये प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि मंत्रियों ने किस आधार पर तथा किस वजह से प्रशंसा की यह तो वे ही बता सकते हैं, लेकिन मैं आंकड़ों के आधार पर कह रहा हूं, हवा में नहीं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 12 लाख लोग पंजीकृत है तो राज्य सरकार ने मात्र दो लाख चालीस हजार लोगों को ही काम क्यों दिया सरकार को जवाब देना चाहिए।
सिब्बल ने इससे पूर्व जयपुर के कांगे्रस प्रत्याशी प्रताप सिंह खाचरियावास और राजीव अरोड़ा के समर्थन में चुनाव प्रचार भी किया।



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