Nov 06, 05:51 pm
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के कार्यकर्ता अपने वरिष्ठ नेताओं के लिए घर-घर जाकर वोट मांगेंगे, लेकिन भाजपा को युवा शक्ति के लिए किसी अन्य विकल्प की तलाश करनी होगी, क्योंकि इसकी छात्र इकाई एबीवीपी ने चुनाव प्रचार में भाग लेने से मना कर दिया है।
चुनाव से तीन सप्ताह पहले एनएसयूआई ने प्रचार के लिए विस्तृत योजना तैयार की है जिसमें घर-घर जाकर प्रचार करना भी शामिल है। उनका लक्ष्य पहली बार मतदान करने वाले लोगों और छात्रों को रिझाना है। एनएसयूआई का दावा है कि दिल्ली में 40 हजार छात्र उनके सदस्य हैं और प्रचार के लिए 20 हजार छात्रों को लगाए जाने की उम्मीद है।
एनएसयूआई के प्रवक्ता आनंद पांडेय ने कहा कि इस बार हम एक विशेष लक्ष्य के तहत काम करेंगे। नेता और कार्यकर्ता छात्रों एवं युवाओं को संबोधित करेंगे। हमारे प्रखंड एवं कालेज इकाइयों को उनके क्षेत्रों में कांग्रेस उम्मीदवारों के समर्थन में काम करने का निर्देश दिया गया है।
एबीवीपी ने हालांकि कहा कि वह संगठन स्तर पर चुनाव प्रचार अभियान में हिस्सा नहीं लेगी। एबीवीपी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष राज कुमार शर्मा ने कहा कि चुनाव में हम संगठन स्तर पर शामिल नहीं होंगे क्योंकि हमारा उद्देश्य छात्रों के कल्याण के लिए काम करना है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि छात्रों को भाजपा उम्मीदवारों के लिए काम करने पर मनाही नहीं होगी। शर्मा ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय होगा।
Thursday, 6 November 2008
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