Saturday, 15 March 2008

पीड़ित दलित परिवार से मिले राहुल


कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी ने शनिवार को इटावा ज़िले के अमीनाबाद गाँव जाकर उस दलित परिवार से मुलाक़ात की है जिसके पाँच सदस्यों की हत्या कर दी गई थी.
इस परिवार में चार अबोध बच्चियाँ ही बची हैं.

राहुल गांधी ने इन बच्चियों के लिए ढाई लाख रुपए की रकम बैंक में जमा करवाने की घोषणा की है.

ख़बरें हैं कि इन दलितों की हत्या ज़मीन के विवाद के कारण हुई थी लेकिन अब यह राजनीतिक मामला बन गया है.

बुधवार को हुई हत्या पर प्रशासन की नज़र वैसी नहीं थी जैसी कि राहुल गांधी के वहाँ जाने की घोषणा के बाद हो गई.

इसके बाद आनन-फ़ानन में मुख्यमंत्री मायावती ने भी अमीनाबाद जाने का फ़ैसला किया और शुक्रवार की शाम वहाँ जा पहुँचीं.

मुख्यमंत्री मायावती वाराणसी में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगवानी के बाद आला अधिकारियों के साथ सीधे इटावा पहुँचीं.

उन्होंने पीड़ित परिवारों के लोगों से मुलाक़ात की और सहायता का ऐलान किया.

मायावती ने घोषणा की कि हत्याकांड से अनाथ हुई चारों बच्चियों की परवरिश और शादी तक का इंतज़ाम प्रदेश सरकार करेगी.

मुख्यमंत्री ने माना कि सरकारी अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई की होती तो हत्याकांड टाला जा सकता था. उन्होंने लापरवाही के आरोप में वहाँ के थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया.

राहुल का दौरा


राहुल गांधी उत्तर प्रदेश की राजनीति में ख़ासी दिलचस्पी ले रहे हैं

राहुल गांधी ने इस परिवार की बच्चियों से 40 मिनट अकेले में बात की और उनकी दिक़्कतों के बारे में पूछताछ की.

उन्होंने एक बच्ची को गोद में उठा लिया और उससे बात करते रहे.

कांग्रेस महासचिव ने इन बच्चियों के लिए बैंक में ढाई लाख रुपए का फ़िक्स्ड डिपॉज़िट करवाने की घोषणा की है.

इससे पहले वहाँ जाते हुए रास्ते में राहुल गांधी एक किसान से मिलने के लिए रुके और किसान के साथ रोटियाँ भी खाईं.

हालांकि राहुल गांधी ने पत्रकारों से बात नहीं की लेकिन प्रेक्षकों का कहना है कि यह संदेश वे दे ही गए कि कांग्रेस के ख़िलाफ़ दलित विरोधी होने की शिकायतों को वे दूर करने में जुट गए हैं.

समाजवादी पार्टी भी

ऐसा नहीं है कि राजनीति सिर्फ़ कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के बीच चल रही है.

इटावा समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह का गृह जनपद है लेकिन उनकी पार्टी का भी कोई नेता सांत्वना देने नहीं पहुँचा था.

लेकिन राहुल का दौरा घोषित होते ही सपा महासचिव रामगोपाल यादव तत्काल मायावती के बाद वहाँ पहुँच गए.

दरअसल मायावती पिछले कुछ महीनों में रैलियाँ और सभाएँ करके कांग्रेस पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाती रही हैं.

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की पिछले विधानसभा चुनावों में ख़राब स्थिति की वजह दलित वोट बैंक का मायावती के साथ जाना माना जाता है.

'युवाओं को प्रभावी भूमिका दिलवाएँगे'


कांग्रेस सांसद और महासचिव राहुल गांधी ने कहा है कि देश की राजनीतिक पार्टियों ने युवाओं को वो स्थान और अवसर नहीं दिया है जो उन्हें मिलना चाहिए था.उड़ीसा की चिंताजनक स्थिति पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि उड़ीसा जैसे बदतर हाल और राज्यों में नहीं हैं. उत्तर प्रदेश में भी केवल बुंदेलखंड में उड़ीसा जैसी स्थिति दिखती है.

अपनी 'भारत खोज यात्रा' के दौरान उड़ीसा के गुनपुर में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सहित देश की किसी भी पार्टी में युवाओं के लिए स्थान नहीं है.

राहुल गांधी शनिवार को उड़ीसा के गुनपुर में अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की याद में आयोजित एक रैली को संबोधित कर रहे थे.

ग़ौरतलब है कि गुनपुर वही जगह है जहाँ राजीव गांधी ने अपने जीवन का अंतिम भाषण दिया था. इसके बाद वो तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर गए थे जहाँ एक जनसभा में पहुंचने के कुछ मिनटों बाद ही उनकी हत्या हो गई थी.

राहुल गांधी ने इस अवसर पर कहा कि उनकी मंशा है कि संगठन का ऐसा ढांचा खड़ा किया जाए जिसमें युवाओं को केंद्रीय भूमिका में रखा जा सके.

चुनाव के सुर

उड़ीसा में चुनाव क़रीब हैं और इसलिए कांग्रेस मतदाताओं को अपनी ओर खींचना चाहती है. राहुल गांधी की इस यात्रा के साथ ही कांग्रेस ने चुनाव प्रचार का अनौपचारिक बिगुल फूंक दिया है.

उड़ीसा सरकार की निंदा करते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कहा, "पहले मैं सोचता था कि उत्तर प्रदेश ही सबसे पिछड़ा प्रदेश है, लेकिन उड़ीसा के दौरे के बाद उन्होंने अपनी यह धारणा बदल ली है."

उन्होंने कहा कि अपने अमेठी दौरे के दौरान वो ऐसा गांव ढूंढते हैं जहाँ बिजली न पहुँची हो पर यहां वो ऐसा गांव ढूंढते रहे जहाँ बिजली पहुँची हो.

उन्होंने कहा, "युवा कांग्रेस और एनएसयूआई में युवाओं के लिए जगह बनाउंगा और ऐसा संगठन तैयार करूँगा जो हर युवा, हर धर्म, हर जाति के लोगों का संगठन हो और जो हिंदुस्तान के लोगों की आवाज़ पूरी दुनिया में ले जा सके."

राहुल गांधी ने कहा कि राजीव गांधी की मौत के साथ ही देश के युवाओं की आवाज़ मंद पड़ गई.

Saturday, 8 March 2008

'अपनी भाग्य विधाता महिलाएँ ही हैं'


कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि महिलाएँ अपना भाग्य स्वयं बना सकती हैं.
अपने पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह मानते थे कि महिलाएं अपना भाग्य स्वयं बना सकती हैं जिससे वे अपना, अपने बच्चों और समाज का भला कर सकती हैं.
सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में समर्थ बनाना चाहती है. उन्होंने कहा कि केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार ने इस दिशा में कई क़दम उठाए हैं.
यूपीए सरकार की नीतियों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 'हमारी नीतियों से महिलाओं को लाभ मिला है'.
यूपीए सरकार की नीतियाँ
कांग्रेस अध्यक्ष का कहना था कि स्वयं सहायता समूह और माइक्रो फ़ाइनेंस (छोटे ऋण) महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कारगर साबित हुए हैं और ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से भी महिलाओं को काफ़ी लाभ होगा. बाल विकास के लिए चलाए जा रहे आंगनबाड़ी योजना के कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि उन्हें इन पर गर्व हैं. इनके योगदान को देखते हुए यूपीए सरकार ने इनके मानदेय को 50 फ़ीसदी बढ़ा दिया है.
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि महिलाओं को सम्मान मिले. इस कार्यक्रम में 15 महिलाओं को उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए "स्त्री शक्ति पुरस्कार" से सम्मानित किया गया.
सोनिया गांधी ने कहा कि इस तरह के पुरस्कारों से लाखों महिलाओं को प्रेरणा मिलेगी.
उन्होंने कहा, "हमारा सपना एक है, लक्ष्य एक है, हमें एक ऐसा समाज चाहिए जिसमें कन्या भ्रूण हत्या न हो, एक भी बच्चा अशिक्षित न रहे. ऐसे समाज की स्थापना के लिए हमें मिलकर काम करना होगा."