सहारा न्यूज ब्यूरोजयपुर। सिंचाई राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह राठौड़ की पुत्री के नाम निरस्त हुई मार्बल खदानें अब उनके साले और भाई के नाम हस्तांतरित कर दी गई है। नाबालिग पुत्री के नाम हस्तांतरण के वक्त गलत दस्तावेज प्रस्तुत करना साबित होने के बाद हस्तांतरण निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने गत 31 जुलाई को दुबारा हस्तांतरण संविदाओं का निष्पादन किया।
सिंचाई राज्यमंत्री की पुत्री सविता राठौड़ के नाम वर्ष 1993 में हस्तांतरित भूरड़ा की माची में स्थित खदान की जांच के बाद उदयपुर अधीक्षण खनि अभियंता ने 11 जुलाई 08 को खनन पट्टा निरस्त कर दिया था। इधर 11 जुलाई 08 को खदानों के हस्तांतरण निरस्तगी की कार्रवाई के चार दिन बाद ही 15 जुलाई 08 को राज्यमंत्री राठौड़ के ममेरे साले पाली के बासिया गांव निवासी विक्रमसिंह पुत्र पर्वत सिंह राठौड़ ने बांडा गांव स्थित खदान के खनन पट्टा नं. 224/92 के लिए खनि अभियंता आमेट कार्यालय में आवेदन कर दिया। इसी तरह भूरड़ा की माच खनन पट्टा 165/93 के लिए राज्यमंत्री राठौड़ के ही मौसेरे भाई कच्छेर वल्लभनगर निवासी गोविंदसिंह पुत्र मनोहरसिंह सारंगदेवोत ने आमेट स्थित खनिज कार्यालय में आवेदन कर दिया। मूल पट्टाधारियों ने भी इनके पक्ष में खनन पट्टे जारी करने का आग्रह किया था। यह रिपोर्ट खान एवं भू-विज्ञान निदेशालय को भेजी गई, जहां से हस्तांतरण करने की स्वीकृति जारी कर दी गई।
इसके बाद खनन पट्टा संख्या 224/92 का वार्षिक डेडरेंट एक लाख 26 हजार रूपए तथा खनन पट्टा संख्या 165/93 का वार्षिक डेडरेंट 98 हजार 383 रूपए है, वहीं इनका हस्तांतरण क्रमश: उप पंजीयन कार्यालय लावासरदारगढ़ एवं उप पंजीयक कुंभलगढ़ में 31 जुलाई 08 को एवं कुंभलगढ़ में 23 जुलाई 08 को निष्पादन किया गया।
गौरतलब है कि दो साल पहले सिंचाई राज्यमंत्री की नाबालिग पुत्री का गलत आयु प्रमाण पत्र दाखिल कर खदानों का हस्तांतरण करने का मामला उठा था। इसके बाद हुई जांच में उन पर लगे आरोप सही पाए गए। इस पर राज्य सरकार ने मंत्री की बेटी के नाम जारी हस्तांतरण को निरस्त कर दिया था।
खनि अभियंता आमेट पीआर आमेटा के अनुसार राज्य सरकार द्वारा खदान हस्तांतरण को निरस्त किया गया तथा नियम पंद्रह के तहत मूल आबंटी ने हस्तांतरण का आवेदन पत्र प्रस्तुत किया, जो अतिरिक्त निदेशक खान विभाग उदयपुर के अधिकार क्षेत्र में होने से पत्रावली उदयपुर भेजी गई, वहां हस्तांतरण की स्वीकृति के बाद इस कार्यालय द्वारा संविदा का निष्पादन किया गया।
उधर, सिंचाई राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह राठौड़ ने कहा कि मार्बल व्यवसाय में माफिया गिरोह पनप गया है। मेरे खिलाफ माफियाओं की साजिश थी जो असफल हो चुकी है। मेरा यह प्रयास रहेगा कि ‘मैं जब तक हूं माफिया गिरोह को नहीं पनपने दूंगा’। हस्तांतरण नियमों के तहत हुआ है। मेरी बेटी को आबंटन नहीं हुआ था बल्कि खदानों को हस्तांतरण कराया गया था।
Last Updated [ 8/6/2008 3:16:31 AM]