Wednesday, 29 October 2008

राज. के लिए कांग्रेस की 116 उम्मीदवारों की सूची जारी

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (Dingal Times)। कांग्रेस ने राजस्थान विधानसभा चुनावों के लिए 116 उम्मीदवारों की पहली सूची आज जारी कर दी जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सीपी जोशी और हेमाराम चौधरी के नाम शामिल हैं। राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं। भाजपा से राज्य की सत्ता हासिल करने के लिए प्रयासरत कांग्रेस की सूची के अनुसार गहलोत को फिर से सरदारपुरा से टिकट दिया गया है जबकि जोशी को नाथद्वारा और चौधरी को गुढ़ामालानी सीट से मैदान में उतारा गया है। सूची में शामिल अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बीडी कल्ला (बीकानेर पश्चिम), चंद्रभान (मालपुरा), पूर्व सांसद शांति धारीवाल (कोटा उत्तर) आदि शामिल हैं। सूची- कुलदीप इंदोरा(अनूपगढ़ सुरक्षित), विनोद कुमार (हनुमानगढ़), अदराम मेघवाल (पीलीबंगा सु.), संजीव बेनीवाल (भद्रा), सुषमा बारूपाल (खाजूवाला सु.),बीडी कल्ला(बीकानेर-पश्चिम), तनवीर मालावत (बीकानेर-पूर्व), वीरेन्द्र बेनीवाल (लूनकरनसर), मंगलाराम गोदारा (डूंगरगढ़), रामेश्वर डूडी (नौखा), नंदलाल पूनिया (सादुलपुर), सीएस बैद (तारानगर), भंवरलाल शर्मा (सरदारशहर), भंवरलाल मेघवाल (सुजानगढ़ .सु), श्रवण कुमार (सूरजगढ़), बृजेन्द्र सिंह आ॓ला (झुंझुनूं), रीता कुमारी (मांडवा), प्रतिभा सिंह (नवलगढ़), विजेन्द्र सिंह (उदयपुरवटी), जितेन्द्र सिंह (खेतड़ी), भंवरू खान (फतेहपुर), गोविंद सिंह दोतसारा (लक्ष्मणगढ़), परशराम मोर्दिया (धौद.सु), राजेन्द्र पारिख (सीकर), नारायन सिंह (दातारामगढ़), महादेव सिंह (खंडेला), भगवान सहाय सैन (चौमू),हरि सिंह (फुलेरा), बाबूलाल नागर (दुदु सु), लालचंद कटारिया (झोटवाड़ा), गोपाल मीणा (जमवारामगढ.़सु), बृजकिशोर शर्मा (हवामहल), विक्रम सिंह शेखावत (विघाधरनगर), प्रताप सिंह खाचरियावास (सिविल लाइंस) मोहम्मद माहिर आजाद (आदर्शनगर), राजीव अरोड़ा (मालवीय नगर) गंगादेवी वर्मा (बांगरू .सु.) वेदप्रकाश सोलंकी (चाकसू .सु), एमामुद्दीन अहमद खान (तिजारा),दीपचंद खेरिया (किशनगढ़ बास) आ॓पी यादव(मुंडवार), टीकाराम जूली (अलवर ग्रामीण.सु.),जुबेर खान (रामगढ़), रमेश खिची (कठुमाड .सु), जाहिदा (कमान), संजय पहाड़िया(वैइर.सु.) निर्भयलाल जाटव (बयाना.सु.), बद्री प्रसाद जाटव (बसेरी.सु.), अलोक शर्मा (धौलपुर), प्रद्धुमन सिंह (राजाखेड़ा),मुरारी लाल मीणा (टोडाभीम .सु) ममता भूपेश (सीकराई.सु), दुर्गाप्रसाद अग्रवाल (गंगापुर),नवल किशोर मीणा (बामनवास.सु.) अशोक बैरवा (खांदर .सु.) चंद्रभान(मालपुरा) राजकुमार जयपाल (अजमेर, दक्षिण.सु.),महेन्द्र सिंह (नसीराबाद),मंजू मेघवाल (जायल. सु.) रिचपाल मिर्धा (डेगाना), सीडी देवल (जैतारन), मिश्रीलाल मेघवाल (सोजट .सु.), खुशवीर सिंह (मारवाड़ा जंक्शन), आ॓म प्रकाश जोशी (फलोदी), मृगेन्द्र सिंह पुत्र नरेन्द्रसिंह भाटी (लोहावत), उमेद सिंह राठौड़ (शेरगढ़), महिपाल मदेरणा (आ॓सियां), हीरा देवी मेघवाल (भोपालगढ़.सु.) अशोक गहलोत (सरदारपुरा),जुगल काबरा (जोधपुर), सईद अंसारी (सूरसागर),मलखान सिंह बिश्नोई(लूणी),शंकर लाल चौहान (बिलारा .सु.), अमीन खान (शिव), मेवा राम जैन (बाडमेर),हेमाराम चौधरी (गुडामालानी), पराम मेघवाल (चोहतन .सु.), भगराज चौधरी (आहोर), समरजीत सिंह (भीनमाल), संयम लोढा (सिरोही),गंगाबेन गरसिया (पिंडवाड़ा आबू.सु), नीरज डांगी (रेवदर .सु.), मंगीलाल गरसिया (गोगुंडा .सु.), दयाराम परमार (खेरवाडा .सु.), सज्जन कटारा (उदयपुर ग्रामीण.सु.),पुष्कर लाल डांगी (मावली), रघुवीर सिंह मीणा (सलुम्बर .सु.), नागराज मीणा (धारियावाड .सु.),रैया मीणा (असपुर.सु.),सुरेन्द्र बमानिया (सागवाडा.सु.), शंकर लाल अहरी (चोरासी.सु.), महेन्द्रजीत सिंह मालवीय (बागीडोरा.सु.), सावलाल डिंडोर (कुशालगढ़.़सु.), उदयलाल अंजाना (निबोहेड़ा), प्रकाश चौधरी (बाडी सदरी), बहादुर मीणा (प्रतापगढ़.सु.), लक्ष्मण सिंह रावत (भीम),गणेश सिंह परमार (कुंभलगढ़), हरि सिंह राठौड़ (राजसमंद),सीपी जोशी (नाथद्वारा), हंगामीलाल मेवाड़ा (असिंद),रामलाल जाट (मंडल),कैलाश त्रिवेदी (सहारा),हरिमोहन शर्मा (हिंडोली),ममता शर्मा (बूंदी),प्रेम चंद नागर (पिपलड़ा),भरत सिंह (सांगोड़), शांति धारीवाल (कोटा उत्तर),नईमुद्दीन (लाडपुरा),राम गोपाल बैरवा (रामगंज मंडी.सु.),प्रमोद जैन (अंटा), निर्मला सेहरिया (किशनगंज.सु.),करण सिंह राठौड़ (छबरा),मदनलाल वर्मा (डाग .सु.), मीनाक्षी चंद्रावत (खानपुर), कैलाश मीणा (मनोहर थाना)। Last Updated [ 10/30/2008 5:05:41 AM]

Monday, 20 October 2008

राज्य सरकार पर बरसे गहलोत

जयपुर,

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत ने राज्य में मलेरिया, चिकनगुनिया एवं डेगू सहित अन्य मौसमी बीमारियों के जानलेवा प्रकोप से अब तक राज्य में सौ से अधिक लोगों के मरने एवं लाखों लोगों के बीमार होने पर दुख व्यक्त करते हुए राज्य सरकार द्वारा इन पर काबू पाने में बरती जा रही आपराधिक लापरवाही को चिंताजनक बताया है। गहलोत ने एक बयान में कहा कि पिछले तीन महीनों से राजस्थानी जयपुर सहित कमोबेश राज्य के सभी जिलों से मलेरिया, डेंगू एवं अन्य मौसमी बीमारियों के फैलने की ़खबरें आ रही थीं। लेकिन चुनावी चिंता में डूबी भाजपा सरकार ने उन्हे रोकने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। उल्टे वह तबादला उद्योग में लगी रही। इसके श्किार डाक्टर ,नर्स और कंपाउंडर सहित वे सभी हजारों कर्मचारी भी हुए जिनका काम इन बीमारियों पर काबू पाना था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एवं स्वस्थ मंत्री नरपत सिंह राजवी द्वारा इस ओर ध्यान नहीं देने तथा डॉक्टरों सहित अन्य सभी कर्मचारियों के अस्पताल, डिस्पेंसरियों में नहीं मिलने से आज पूरे राज्य में इन बीमारियों ने विकराल रूप ले लिया है। अब तो चिकनगुनिया के भी फैलने की रिपोर्ट आने लगी है। राजधानी जयपुर सहित राज्य के हर जिले में घर-घर ये बीमारियां फैली हुई है। खुद सरकार के अफसर राज्य में पचास हजार से अधिक तो अकेले मलेरिया रोगी और दो सौ से ज्यादा डेगू के मरीजों की संख्या मान चुके है। उन्होंने कहा कि बीमारियां होती है, लेकिन दुख की बात यह है कि अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में इनके इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। मरीज गांव से शहरों की ओर दौड़ रहे है और सही इलाज नहीं मिलने पर वही दम तोड़ रहे है। अकेले जयपुर में मलेरिया, डेगू डिप्थीरिया और अन्य बीमारियों से पिछले महीनों में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है।




कांग्रेस के घोषणा पत्र को लेकर कसरत

जयपुर,

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने विधानसभा चुनाव के लिए घोषणा-पत्र तैयार करना शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डॉ.बीडी कल्ला की अध्यक्षता में रविवार को हुई चुनाव घोषणा-पत्र समिति की बैठक में मसौदे पर चर्चा हुई। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी के दिल्ली से लौट ने के बाद घोषणा पत्र को अंतिम रूप दिया जाएगा। घोषणा-पत्र समिति की बैठक में पूर्व मंत्री प्रधुम्न सिंह, डा. चंद्रभान शांति धारीवाल मौजूद थे। इधर चुनाव में मीडिया प्रबंधन को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महामंत्री मुकुल वासनिक ने रविवार को दिल्ली में बैठक ली। बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मीडिया टीम के सदस्य मौजूद थे।




चुनाव आयोग ने रोकी भामाशाह योजना

जयपुर,

 मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मह8वाकांक्षी भामाशाह वित्तीय सशक्तीकरण एवं नारी समृद्धि योजना पर अब केंद्रीय चुनाव आयोग ने रोक लगा दी है। आयोग ने राज्य सरकार को साफ तौर पर कहा है कि चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न होने तक इस योजना के तहत न तो स्मार्ट कार्ड बनाएं और न ही किसी महिला के नाम से बैंक खाता खुलवाने पर 1500 रु. की प्रोत्साहन राशि दी जाए। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद जुत्शी ने इस संबंध में मुख्य सचिव डीसी सामंत को पत्र लिखकर योजना की क्रियान्विति आगामी आदेश तक रोकने को कहा था। निर्वाचन विभाग के सूत्रों ने केंद्रीय चुनाव आयोग से योजना की क्रियान्वयन रोके जाने संबंधी निर्देश मिलने की पुष्टि की है। राज्य सरकार ने विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर यह योजना लागू की थी।




मदेरणा, जाखड़, मिर्धा ने बनाया मुझे सीएम: गहलोत

जयपुर, 

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत का कहना है कि वरिष्ठ नेता परसराम मदेरणा, मध्यप्रदेश के राज्यपाल बलराम जाखड़ और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम निवास मिर्धा के कारण ही में मुख्यमंत्री बना था। पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस में चल रहे आंतरिक गतिरोध और मदेरणा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे गए पत्र के बाद गहलोत का बयान आना मह8वपूर्ण माना जा रहा है। गहलोत ने कहा कि पिछले दस साल में कुछ लोगों ने उनके और मदेरणा के बीच गलत फहमी पैदा करने की कोशिश की है। लेकिन वे स्वयं मदेरणा का पूरा सम्मान करते है। गहलोत ने कहा कि खराब स्वास्थ्य के कारण मदेरणा सम्मान जनक ढंग से सक्रिय राजनीति से अलग हुए है।




कांग्रेस की मीडिया कमेटी गठित

जयपुर, 

 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस ने राज्यस्तरीय मीडिया कमेटी बनाई है। पूर्व मंत्री प्रधुम्न सिंह को कमेटी का अध्यक्ष एवं प्रवक्ता सत्येंद्र राघव को संयोजक बनाया गया है। कमेटी में डा. रघु शर्मा, प्रताप सिंह खाचरियावास, अश्क अली टांक, माहिर आजाद फूल चंद बिलोनिया, सुनीता भावर, विजय गर्ग को सदस्य बनाया गया है।




Sunday, 12 October 2008

सोनिया का ड्रीम प्रोजेक्ट खटाई में


लखनऊ, 12 अक्टूबर। भूमि पूजन से ठीक दो दिन पहले अचानक आज राज्य सरकार द्वारा रेलवे को दी गयी 189.25 हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज को वापस कर दिये जाने से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में स्थापित होने वाली 2200 करोड़ की महत्वाकांक्षी रेल कोच फैक्ट्री परियोजना अधर में लटक गयी। इस फैसले से पूरे रायबरेली में आक्रोश फैल गया और लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदेश कांग्रेस ने इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्णपूर्ण बताया और कहा कि मुख्यमंत्री मायावती का यह निर्णय विकास विरोधी और बेरोजगारों के साथ अन्याय है। कांग्रेस ने इस के खिलाफ आन्दोलन का एलान किया है।मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव विजय शंकर पाण्डेय ने आज सायं संवाददाताओं को शासन के इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीणों के तीव्र विरोध के चलते राज्य सरकार ने 19 मई 2008 के अधिग्रहण आदेश की संपूर्ण कार्यवाही को निरस्त करते हुए भूमि पुन: ग्राम सभा को वापस कर दी है। इसके साथ ही जिलाधिकारी रायबरेली को परियोजना के लिए अन्यत्र भूमि तलाशने का निर्देश दिया गया है।प्रमुख सचिव ने बताया कि रायबरेली के जिलाधिकारी ने 10 अक्टूबर को शासन को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि रेल कोच फैक्ट्री को स्थानान्तरित की गयी भूमि को लेकर प्रभावित गांवों तथा आसपास के निवासियों में आक्रोश है। रिपोर्ट में कहा गया कि ग्राम सभा की यह भूमि 30 वर्षो तक केन्द्र सरकार के कृषि फार्म के पास थी लेकिन इस पर कोई लाभकारी काम नहीं किया गया। वर्षों से खाली पड़ी जमीन देख कर गांव के लोगों को यह उम्मीद होने लगी थी कि ग्राम सभा की यह खाली पड़ी भूमि उन्हें पट्टे पर मिल मिल जाएगी लेकिन रेल कोच फैक्ट्री के लिए भूमि दिये जाने से इनकी भावनाओं को झटका लगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इससे गरीबों में यह संदेश भी जा रहा था कि राज्य सरकार जमीन उनको न देकर उघोगों को दे रही है जो भूमिहीन मजदूरों के हितों के विरूद्ध है। जिलाधिकारी ने लिखा है कि गांववासियों में इस बात से भी आक्रोश है कि रेल कोच फैक्ट्री के लिए 700 एकड़ भूमि और ली जाएगी जिससे और गांवों के लोग भी भूमिहीन हो जाएंगे और उनके बच्चों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ेगा। इन परिस्थितियों के चलते स्थानीय जनता में आक्रोश है जो कि शान्ति-व्यवस्था की दृष्टि से घातक साबित हो सकती है। जिलाधिकारी ने आशंका जतायी कि गांव वालों के आक्रोश के चलते आत्मदाह व खूनखराबे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में जिलाधिकारी ने शासन से अधिग्रहीत भूमि को निरस्त कर गांव सभा में निहित करने का अनुरोध किया। प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य सरकार ने राजस्व विभाग से इन सभी परिस्थितियों का सम्यक विचार कर अधिग्रहण को निरस्त कर ग्राम सभा को भूमि वापस करने तथा जमा धनराशि संबंधित संस्था को तत्काल वापस करने के निर्देश दिये हैं।इस बीच प्रदेश कांग्रेस ने फैसले को दुर्भाग्यपूर्णपूर्ण बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मायावती का यह निर्णय विकास विरोधी और बेरोजगारों के साथ अन्याय है। कांग्रेस ने कहा हैै कि राजनैतिक विद्वेष के कारण मुख्यमंत्री मायावती ने जमीन वापस लेने का निर्णय किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा. रीता बहुगुणा जोशी ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार विकास विरोधी है और हजारों बेरोजगारों को रोजगार से वंचित कर रही है। उन्होेंने कहा कि कांग्रेस इसके खिलाफ आन्दोलन करेगी।कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी उत्तर प्रदेश को एक तोहफा दे रही थीं जिसमें दस हजार से अधिक बेरोजगारों को रोजगार मिलता। डा. जोशी ने प्रदेश मुख्यालय पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार सरासर झूठ बोल रही है कोई भी किसान नाराज नहीं है और न ही किसी प्रकार के आन्दोलन की चेतावनी दी गयी है। पार्टी प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह का कहना है कि ग्राम सभा की 189 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की गयी थी इसके लिए जुलाई में 8.20 करोड़ मुआवजा भी रेलवे द्वारा दिया जा चुका है और ग्राम सभा की जमीन होने के कारण किसानों के मुआवजा को लेकर आक्रोशित होने का सवाल ही नहीं उठता? उन्होंने कहा कि एक 2 फरवरी 2007 को रेल कोच फैक्ट्री का शिलान्यास किया गया और इसके बाद जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई हुई। श्री सिंह ने बताया कि जिन ग्राम सभाओं दौहार, सुहावल और बन्नामऊ में यह फैक्ट्री लग रही थी उन सभी ग्राम सभाओं ने फैक्ट्री लगाने के लिए जमीन देने का प्रस्ताव दिया था जिसे एसडीएम और डीएम तथा कमिश्नर की अनुमति के बाद रेलवे को हस्तान्तरित किया गया। डा. सिंह का कहना है कि इस दौरान किसी भी प्रकार की शिकायत स्थानीय किसानों एवं जनता द्वारा नहीं की गयी और जब भूमि पूजन की तिथि 14 अक्टूबर को प्रस्तावित हुई तब राज्य सरकार ने हड़बड़ाहट में अधिकारियों पर दबाव बनाकर जमीन वापस लेने का निर्णय किया है।

Saturday, 11 October 2008

पीएम ने दिखाई घाटी में पहली ट्रेन को हरी झंडी

Dingal Times!
श्रीनगर। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज यहां सुरक्षा के कडे बंदोबस्त के बीच कश्मीर घाटी में श्रीनगर से बडगाम के बीच चलने वाली पहली ट्रेन को श्रीनगर के नौगांव स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, रेल मंत्री लालू प्रसाद, केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सैफुद्दीन सोज, राज्यपाल एन एन वोहरा, पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद और पुलिस एवं प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। जैसे ही रेल ने रफ्तार पकडनी शुरू की उत्साहित लोगों ने "मनमोहन सिंह जिंदाबाद", "लालू प्रसाद यादव जिंदाबाद" के नारे लगाने शुरू कर दिए। स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था एकदम चाक चौबंद थी और केवल उन्हीं लोगों को स्टेशन में प्रवेश की अनुमति दी गई जिनके पास इस अवसर पर जारी विशेष पास मौजूद था।

Wednesday, 8 October 2008

दो दर्जन नेताओं का राजनीतिक भविष्य संकट में

Oct 07, 11:12 pm
जयपुर, जागरण संवाद केंद्र : राज्य विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस आलाकमान द्वारा तय की गई गाइडलाईन के कारण दो दर्जन नेताओं का राजनीतिक अस्तित्व संकट में आ गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.सीपी जोशी और चुनाव छानबीन समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह जांच गाइडलाईन से हटने को तैयार नहीं है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गाइड लाईन में कुछ ढि़लाई चाहते है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा रक्षा मंत्री एके एंटोनी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाकर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए गाइडलाइन तैयार करने के निर्देश दिए थे। एंटनी कमेटी ने लगातार दो बार चुनाव हार चुके नेताओं को इस बार टिकट नहीं देने के साथ ही 70 साल से अधिक उम्र के नेताओं की टिकट काटने की सिफारिश भी की है। इसके साथ पिछले विधानसभा चुनाव में 15 हजार से अधिक मतों से हारने वालों को भी टिकट नहीं देने की बात कही गई है। कमेटी की सिफारिश से जिन नेताओं का राजनीतिक भविष्य संकट में आ गया उनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री कमला, बनवारी लाल बैरवा, दिग्गज नेता रामनारायण, चौधरी, पूर्व प्रदेश कांग्रेस नारायण सिंह, पूर्व मंत्री राधेश्याम गंगानगर, केसी विश्नोई, परसादी लाल मीणा, दिपेंद्र सिंह शेखावत, हीरा लाल इंदौर,जनार्दन सिंह गहलोत अब्दुल हादी, विजय लक्ष्मी विश्नोई प्रमुख हैं। अगर कांग्रेस यह गाइड लाइन लागू करती है तो हनुमानगढ़ और गंगानगर जिलों में कांग्रेस को नब्बे फीसदी नए लोगों को चुनाव लड़ाना पड़ेगा। इससे कांग्रेस को फायदा होगा या नुकसान यह तो भविष्य बताएगा, लेकिन अगर आलाकमान गाइडलाइन पर अड़ा रहता है तो कई बड़े नेताओं को मुश्किल होती है। गाइडलाइन को लेकर कांग्रेस में दो मत हैं। एक तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा.सीपी जोशी और छानबीन समिति के दिग्विजय सिंह हैं। वही पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कुछ नेता भी हैं। जोशी और सिंह जहां गाइड लाइन में बिल्कुल ढिलाई देने के पक्ष में नहीं है। वहीं गहलोत चाहते है कि गाइडलाइन में कुछ संशोधन करते हुए ऐसे नेताओं के टिकट दिया जाना चाहिए जो अगला चुनाव जीत सकते है। असंतुष्ट माने जाने वाले जाट नेता भी गाइड लाइन में संशोधन चाहते है। पिछले माह दिल्ली में चार दिन तक हुई छानबीन समिति की बैठक में गाइड लाइन में आने वाले नेताओं को टिकट नहीं देने पर चर्चा हुई। ऐसे नेताओं के नाम पैनल में भी शामिल किए गए। अब इस बारे में अंतिम फैसला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ही करेगी। कांग्रेसी नेताओं को चिंता इस बात को लेकर भी है कि
गाइडलाइन से प्रभावित होने वाले नेता बागी होकर चुनाव लड़ते तो है उससे कांग्रेस को बड़ा नुकसान हो सकता है।

Thursday, 2 October 2008

बाबा, कैसे हुआ यह हादसा-राहुल


जोधपुर।
 "क्या हुआ था बाबा...", "कैसे हुआ आपके बेटे के साथ..." , कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी कुछ इस अन्दाज में बुधवार को मेहरानगढ़ दुखान्तिका के हताहतों के परिजनों से मिले।

विशेष विमान से जोधपुर पहुंचने के बाद राहुल सीधे मेहरानगढ़ गए और घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने नागौरीगेट स्थित कलाल कॉलोनी में सामूहिक शोकसभा में मृतकों के परिजनों को ढाढस बंधाया। अपने बेटे महेश को गंवा चुके वृद्ध दीनदयाल ने सुबकते हुए कहा "साब मुझे बेटे को कंधा देना पड़ा...।" व्यथा सुनकर राहुल द्रवित हो गए। महेश के छोटे भाई ललित ने उन्हें बताया कि किले में व्यवस्थाएं सही नहीं थी। पीछे से धक्का लगते ही लोग गिरते गए और हादसा हो गया। घटनाक्रम बताते बताते वह रो पड़ा।

राहुल ने आत्माराम, कन्हैयालाल, गुलाबचंद से मिलकर उनके बेटों की मौत पर संवेदना व्यक्त की। इससे पहले राहुल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ हादसे में मृत लोगों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

घटनास्थल का मुआयना : किले में राहुल ने कलक्टर व पुलिस अधीक्षक से सवाल किया, "कैसे हुआ हादसाक्" एसपी-कलक्टर जवाब देते इसी दौरान कोई बोल पड़ा "कल पुलिस की व्यवस्था कम थीक् आज ज्यादा हैक्" राहुल ने एसपी-कलक्टर से बाद में यही सवाल कियाक् जिला कलक्टर गंगवार ने बताया "इस बार पुलिस का जाप्ता गत साल से ज्यादा था। 

राहुल ने मिट्टी ढोई, फावडा भी चलाया


बारां।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी के आगमन से आदिवासी सहरिया बाहुल्य गांवों के लोग अभिभूत हो गए। लोगों को सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि राजनीति की बडी शख्सियत उनके गांव व घर की दहलीज पर है। राहुल ने भी अभावग्रस्त जीवन जी रहे लोगों से आत्मीयता जोडने में कोई कसर नहीं छोडी। उन्होंने बुजुर्गो की पीडा को धीरज से सुन दिलासा दिलाई। छोटे बच्चों पर जमकर प्यार उंडेला।

राहुल के गुरूवार को किशनगंज तहसील पींजना गांव में पहुंचने पर आदिवासी हैरत में पड गए। उन्हें जब यह बताया गया कि वे पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी व कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के पुत्र है तो चौंक गए। इस गांव में आधे घंटे से भी अधिक समय तक रूके राहुल वृद्ध विधवा रामबाई खैरवा के जीर्ण-शीर्ण कच्चे घर में गए। उन्होंने वृद्धा के परिवार के बारे में जानकारी लेकर मदद का भरोसा दिलाया तो उसकी आंखों में खुशी के आंसू छलछला उठे।

राहुल ने वृद्धा के चार वर्षीय पौत्र से हाथ मिलाया। उससे खेल खेलने के बारे में पूछा। उसके स्वीकृति में सिर हिलाने पर वे उसे अलग ले गए, लेकिन भीड को देख बालक विचलित हो गया। बाद में राहुल गांव के सरकारी स्कूल परिसर में पहुंचे। वहां उन्होंने महिलाओं से राजनीति में सक्रिय होने के बारे में सवाल पूछे। एक महिला ने उन्हें नोट से वोट खरीदे जाने की जानकारी दी वे चौंक उठे। राहुल जब इस गांव में घूम रहे थे तो सैकडों ग्रामीणों की भीड उनके साथ थी। इनमें बडी संख्या में महिलाएं भी थी।

खूब बहाया पसीना
सुबह लगभग साढे नौ बजे पींजना गांव पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी ने गांधी जयन्ती के अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना के तहत तलाई की खुदाई कार्य में एक घंटे से भी अधिक समय तक श्रमदान किया। लगातार मिट्टी से भरी तगारियां पाल डालते समय वे पसीने में तरबतर रहे। उनके साथ युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक तंवर, विधायक भंवर जितेन्द्र सिंह व युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष निर्मल माथोडिया आदि नेताओं ने भी श्रमदान किया।

पूरी मदद करूंगा
उपसरपंच पूरणमल खैरवा समेत गांव के लोगों ने एक स्वर में उन्हें अन्य पिछडा वर्ग से निकालकर अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने की मांग की। राहुल ने कहा कि राज्य सरकार यदि केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भिजवाएगी तो वे पूरी मदद करेंगे। गांव में बडी संख्या में खैरवा जाति के लोग निवास करते है। ग्रामीणों ने उनसे भंवरगढ स्थित सेन्ट्रल बैंक की शाखा में ऋण स्वीकृति नहीं किए जाने की शिकायत की। जिसे उन्होंने गंभीरता से लिया।

काली चाय के साथ सिवाइयां
राहुल ने गांव के एक युवक के आग्रह को स्वीकार कर बिना दूध की काली चाय पिलाने को कहा। बाद में वह युवक चाय लेकर स्कूल परिसर पहुंचा। राहुल ने ग्रामीण महिलाओं के साथ इस चाय की चुस्कियां ली। एक मुस्लिम परिवार ने राहुल को ईद की मुबारकबाद देते हुए उन्हें मीठी सिवाइयां खिलाई।

नेताओं से दूरी
राहुल ने इस दौरे को निजी बताते हुए जिले के कांग्रेस नेताओं से दूरी बनाए रखी। पूरे दौरे में उन्होंने पींजना गांव में श्रमदान के लिए युवक कांग्रेस के करीब डेढ दर्जन पदाधिकारियों को बुलाया। राहुल के साथ चल रहे एसपीजी के अधिकारियों ने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को उनके नजदीक तक नहीं जाने दिया। इससे कई कांग्रेस नेता कुपित रहे।

जाते ही सताने लगी मीठी याद
बारां। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के पुत्र व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी को अपने बीच पाकर अमरोली गांव के लोग निहाल हो गए। अब कोई राहुल द्वारा मिलाए गए हाथ को सहला रहा तो कोई उस कंधे को देख हर्षित है जिस पर राहुल ने प्यार से हाथ धरा था। ग्रामीणों के लिए अब तो वह बर्तन भी अमूल्य हो गए है जिनमे राहुल ने उनके साथ बैठकर खाना खाया था। हर कोई उस खाट पर बैठना चाहता है जिस पर राहुल ने रात बिताई थी। गांव सहरिया बंगला की चौपाल गुरूवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के जाने के बाद भी पूरे दिन जमी।

बुधवार रात ग्यारह बजे अचानक सघन जंगल के बीच स्थित अमरोली गांव पहुंचे राहुल ने बीरबल सहरिया की झौंपडी के बाहर सहरियाओं के बीच बैठकर आत्मीयता के साथ उनके हाल-चाल जाने। गांव के लोगों ने उन्हें हैंडपम्पों से लाल पानी निकलने, स्कूल में एक ही अध्यापक होने जैसी समस्याएं बताई। सौ- सवा सौ घरों की आबादी वाले इस गांव में राहुल सहज रूप से पैदल भी घूमे। वे बीरबल, गेंदीलाल व बाबूलाल सहरिया की टापरियों के भीतर भी गए व सहरियाओं के रहन-सहन को बारीकी से देखा। गेंदीलाल सहरिया के घर में उन्होंने पीपी देखकर पूछा इसमें क्या है तो सहरिया ने कहा कि इसमें मिट्टी का तेल है।

तब उन्होंने पूछा इसका क्या करते हो तो उसने कहा कि इससे उजाला करते हैं। मध्यरात्रि को उन्होंने सहरियाओं के साथ बैठकर चावल की रोटी व आलू की सब्जी खाई व पास ही रखी मटकी से पानी भी पीया। खाना खाने के कुछ देर बाद ही राहुल यहां बीरबल की झौंपडी के बाहर बिना बिस्तर की खाट पर लेट गए। वे करीब साढे चार घंटे सोए।

"राजीवजी का लडका हूं"
रात करीब ग्यारह बजे अमरोली पहुंचे राहुल ने लोगों से राम-राम करते हुए जब यह कहते हुए अपना परिचय दिया कि वह राजीवजी के लडके हैं तो मौजूद सहरियाओं की खुशी परवान चढ गई। गांव के नंदू ने बताया कि उन्होंने सोचा था कि कोई बडा अधिकारी मीटिंग लेने आया है।

नीम की डाली से मांजे दांत
सुबह करीब छह बजे जागने के बाद राहुल ने पास ही नीम के एक पेड की डाल से दातून किया। इसके बाद यहां से रवाना होते समय भी उन्होंने लोगों से हाथ जोडकर राम-राम किया।

वे सोए, यह जागे
राहुल के अपने बीच होने की खुशी में इस गांव के कई लोग राहुल के सोने के बाद भी उनके कुछ दूर ही बैठकर जागते रहे। गांव के भोगीलाल सहरिया ने बताया कि कुछ लोगों को तो रात को भी राहुल के आने का पता नहीं था। सुबह जब पता चला तो ऎसे कई लोग वहां पहुंच गए। करीब सवा छह बजे राहुल गांव के लोगों से फिर राम-राम कर भंवरगढ के लिए रवाना हो गए।

नाम सुना था, अब देख लिया
राहुल गांधी को देर तक निहार व उनसे बात कर गांव के लोग खुद को धन्य मान रहे हैं। घींसी बाई सहरिया, भोगीलाल, व नंदू जाटव आदि ने कहा कि राजा का बेटा गरीब की झौंपडी में आए, उनके साथ बैठे, खाना खाया, इससे बडी बात क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि वह तो अब तक राहुल गांधीजी का नाम ही सुनते आए हैं कि वह राजीवजी के बेटे हैं लेकिन अब देख भी लिया।

नरेगा के बारे में की पूछताछ
राहुल ने यहां सहरियाओं से राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सात दिन पूर्व ही योजना की पहली मस्टररोल जारी हुई है। फिलहाल 19 लोगों को रोजगार मिल रहा है। यहां संकल्प संस्था के मोतीलाल ने राहुल की कई जिज्ञासाओं को शान्त किया।

[घनश्याम दाधीच]

होटल में कचौरी खाई, चाय पी
अन्ता। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी ने गुरूवार को फिर से यहां आम जनता के बीच पहुंचकर सबको चौंका दिया। बारां से कोटा जाते समय दोपहर दो बजे राहुल अन्ता की मुख्य सडक पर अपनी गाडी रूकवाकर एक चाय की दुकान में चले गए एवं वहां लगे हैंडपम्प पर साबुन से हाथ-मुंह धोया। बाद में उन्होंने दुकानदार राधेश्याम चौरसिया से चाय पिलाने को कहा।

हक्के-बक्के दुकानदार ने चाय में कॉफी मिला दी तो राहुल ने उसे लौटाकर फिर से केवल चाय बनाने की पेशकश की। इस दौरान राहुल एवं उनके साथ चल रहे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सचिव भंवर जितेन्द्र सिंह सहित एक अन्य ने दुकान में रखे फ्रीज से स्वयं ही ठंडे पेय की बोतलें निकालकर पी तथा पास की दुकान से कचोरी एवं बिस्कुट मंगवाए।

राहुल के रूकने की खबर से यहां जनता का हुजूम एकत्रित हो गया किन्तु उनके सुरक्षा कमांडों ने किसी को भी होटल के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। बाद में राहुल गांधी होटल मालिक को एक सौ का नोट थमाकर बाहर आए तथा पैदल चलकर वहां खडे कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित आम जनता से मिले। इस बीच उन्होंने कुछ युवकों के कंधे पर हाथ रखकर उनका हालचाल पूछा एवं कई से हाथ मिलाया। राहुल ने कांग्रस नेता दीनदयाल शर्मा के प्रतिष्ठधान पर प्रतीक्षारत पार्टी कार्यकर्ताओं से भी गाडी रूकवाकर मालाएं पहनी।

[विजय बत्रा]