राजस्थान में नई बनी कांग्रेस सरकार ने राज्य में शराब की दुकानों की संख्या में कटौती कर दी है. साथ ही, शराब की दुकानों और मयख़ानों पर अतिरिक्त टैक्स लगाकर सरकार ने शराब की बिक्री को नियंत्रित करने की कोशिश की है. सरकार को ज्यादा चिंता पबों को लेकर है, सरकार का कहना है कि पब राज्य के युवाओं को पथभ्रष्ट कर रहे हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलौत कहते हैं, "हम शराब की संस्कृति को प्रोत्साहित नहीं करेंगे, हम उस संस्कृति को ख़त्म करना चाहेंगे जिसमें लड़के लड़की हाथ में हाथ डालकर पब में जाते हैं". सरकार की नई आबकारी नीति के तहत शराब पीने वालों को अब ज्यादा टैक्स देना होगा. सरकार ने शराब परोसने वाले होटलों और बारों की लाइसेंस फीस में भारी बढ़ोतरी कर दी है. ताज़ा सरकारी फरमान से राज्य में शराब की 800 दुकानें बंद हो जाएँगीं. इससे पहले सरकार ने धार्मिक स्थलों और स्कूलों के करीब बनी लगभग 150 दुकानों को बंद करवा दिया था. | |||||
Thursday, 29 January 2009
मधुशाला पर लगेगा ताला
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